Thursday, September 16, 2010

स्त्री शक्ति

हमारे समाज में स्त्री शक्ति का हमेशा पुजा होता है। दुर्गा पुजा , सरस्वती पुजा या लक्षमी पुजा इन सभी रुप मे हम स्त्री शक्ति का हि तो पुजा करते है। हम सब जानते है कि सीता के बिना राम, राधा के बिना श्याम और पार्वती के बिना शिव शक्ति भी अधुरे है। हमारे धर्म ग्रंथ भी तो यही कहानी दुहराते है।
हर सफल पुरुष के पीछे किसी स्त्री का हाथ होता है। कोई भी इंसान अपने जीवन में यूं ही सफल नहीं हो जाता। सफलता की कहानी बहुत लंबी और मुश्किलों से भरी होती है। जीवन के हर मोड पर आने वाली मुश्किलों को आसान करने के लिए प्रकृति ने स्त्री की रचना की। वह मां बन कर उसे अपने आंचल की छांव तले बारिश और धूप से बचाती है। इंसान पहली बार मां की उंगली थामकर ही चलना सीखता है। चलते हुए जब भी गिरता है, मां आगे बढकर उसे थाम लेती है। इसके बाद जब वह युवावस्था में प्रवेश करता है तो उसकी पत्नी जीवन के सफर में न केवल उसकी हमकदम बन कर साथ चलती है, बल्कि उसे जिंदगी जीने का तरीका भी सिखाती है।

4 comments:

  1. I AM PROUD OF ALL OF YOU DEAR OMPRAKASHJI, GUPTAJI,GAURAVJI,MRIDULAJI,VERMAJI.

    PLEASE CONTINUE YOUR SUPPORT SERVICES TO RESPECTABLE WOMEN.

    WITH WARM WISHES AND REGARDS TO ALL OF YOU/PANDEY

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  2. आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा. हिंदी लेखन को बढ़ावा देने के लिए आपका आभार. आपका ब्लॉग दिनोदिन उन्नति की ओर अग्रसर हो, आपकी लेखन विधा प्रशंसनीय है. आप हमारे ब्लॉग पर भी अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "अनुसरण कर्ता" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में ....
    भारतीय ब्लॉग लेखक मंच
    डंके की चोट पर

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Thanks for your valuable time.

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